Sunday, October 18, 2009
प्रेय और श्रेय
Sunday, October 11, 2009
श्री हनुमान चालीसा और वेदान्त - एम पी थ्री
चालीस चौपाईयों वाली श्री हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास जी की अनुपम रचना है। भगवान की स्तुति है ये। श्री रामचरितमानस में भगवान हनुमान जी के चरित्र को देखते हुए श्री हनुमान चालीसा एक सटीक और अदभुत रचना है। ऐसी मान्यता है कि इसको बारम्बार पढ़ने वालों को प्रभु का सानिध्य अवश्य होता है।
वक्ता परिचय
परम पूज्य गुरुजी स्वामी तेजोमयानन्द जी इस समय चिन्मय मिशन के विश्व प्रमुख है। गुरुदेव स्वामी चिन्मयान्द जी के अति प्रिय शिष्यो मे एक है। चिन्मय मिशन आज एक वृहद रुप धारण कर चुका है। ये अतिश्योक्ति नहीं होगी अगर हम ये पूछे कि विश्व में ऐसी कौन सी जगह है जहाँ चिन्मय मिशन केन्द्र नहीं है। असंख्य लोगो को आध्यात्मिक दिशा दिखाने वाली इस संस्था के मन और बुद्धि गुरुदेव है तो इसके प्राण गुरुजी है।
हनुमान चालीसा की ऐसी सुन्दर व्याख्या सिर्फ गुरुजी ही कर सकते है।
Saturday, August 15, 2009
कैवल्योपनिषद् पर प्रवचन - वीडियो डाउनलोड
कैवल्योपनिषद् पर 1998 में बाबाजी (परम पूज्य स्वामी शंकरानन्द जी) द्वारा मेरठ में शिविर का आयोजन हुआ था। परमात्मा कण कण में है। यह जगत ही परमात्मा का रुप है। शास्त्र कहते है जब तक गुरु के चरणों मे बैठकर श्रवण न किया जाये उपनिषद् सिर्फ शब्द है। अनुभव में नही आ सकता। ज्ञान जीवन में उतरे और अनुभव मे आये तब सफलता माने। अन्यथा बुद्धि विलास के लीए उपनिषद् की जरुरत नहीं।
चिन्मय मिशन के बाबाजी का शरीर तो आज हमारे साथ नहीं है। लेकीन उनकी आर्शीवाद से आज उनका यह वीडियो हमारे पास है। इसका पूरा श्रेय मेरठ के सींघल साहब को जाता है। अगर उन्होनें इस वीडियो को न सहेजा होता तो आज हमे यह प्राप्त नहीं हो सकती थी।
''जानेनैव तु कैवल्यम'' अर्थात् ज्ञान से ही कैवल्य (मोक्ष) प्राप्त होता है। आत्मज्ञान मोक्ष का साक्षात् साधन है। कैवल्यौपनिषद एक सुंदर ग्रन्थ है जिसकी भाषा में सरलता व मधुरता है और अर्थ में गहन गंभीरता है। अपनी अनुपम शैली में आत्मबोध कराकर यह उपनिषद् धयानाभ्यास की विधि का भी विशद वर्णन करता है जो साधको के लिए अत्यंत उपयोगी है।18 घंटे के इस प्रवचन को अगर ध्यान से सुना जाए तो अनुभव दुर नहीं।
Saturday, July 25, 2009
ईशावास्य़ उपनिषद् पर वीडियो प्रवचन
Saturday, March 14, 2009
श्रीमद्भगवद्गीता पर २१० घंटे का प्रवचन
श्रीमद्भगवद्गीता पर २१० घंटे का प्रवचन परम पूज्य स्वामी शंकरानन्द द्वारा ऍम पी थ्री डाउनलोड करे www.vedantijeevan.com/gita.html